पेंटागन ने उन कंपनियों की सूची जारी की है जो कथित तौर पर चीनी सेना के साथ काम कर रही हैं। इस सूची के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन का कहना है कि पेंटागन का यह कदम दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति की अनदेखी करता है। चीनी मंत्रालय ने इस सूची को अनावश्यक और उत्तेजक बताया है, और अमेरिका पर रचनात्मक संवाद के बजाय टकराव की राह चुनने का आरोप लगाया है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि चीन अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा। इस सूची में शामिल कंपनियों के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी अभी तक जारी नहीं की गई है, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। यह घटनाक्रम अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही जटिल संबंधों में एक नया मोड़ है।