शांति बोर्ड, जिसकी शुरुआत छह महीने पहले हुई थी, अब अपने लक्ष्यों को कम करने के लिए मजबूर हो गया है। यह पहल, जो पहले गाजा के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना थी, अब केवल एक अस्थायी शरणार्थी शिविर में बदल गई है। इस परियोजना के लिए एकत्रित किए गए धन का एक बड़ा हिस्सा निजी बैंक में जमा कर दिया गया है, जिससे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। शुरुआती शानदार वादा अब निराशा में बदल गया है, क्योंकि बोर्ड गाजा में वास्तविक और स्थायी शांति लाने में विफल रहा है। यह परियोजना पारदर्शिता और प्रभावी कार्यान्वयन की कमी का शिकार हो गई है। इस घटना से भविष्य में इस तरह की पहलों के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और दानदाताओं से जवाबदेही की मांग हो रही है। गाजा में रहने वाले लोगों को अब इस परियोजना से बहुत कम उम्मीदें बची हैं।