शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे वे विपक्ष से अलग हो गए हैं। यह निर्णय विपक्षी एकता के लिए एक झटका माना जा रहा है। एनसीपी का यह कदम आगामी लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य और पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध किया है, लेकिन एनसीपी ने सरकार के साथ सहयोग करने का निर्णय लिया है। इस समर्थन से विधेयक के संसद में पारित होने की संभावना बढ़ गई है। इस निर्णय से एनसीपी और एनडीए के बीच संबंधों में सुधार होने की उम्मीद है।