भ्रष्टाचार निवारण आयोग (KPK) ने पति के निलंबित जिला प्रमुख सुडेवो के हालिया बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुडेवो ने दावा किया है कि जिला प्रशासन में ग्राम अधिकारियों की नियुक्तियों से जुड़े जबरन वसूली के मामले में उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कथित घोटाले में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए KPK ने कहा कि मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। आयोग ने सुझाव दिया कि जनता और संबंधित पक्ष अदालत में पेश किए गए आधिकारिक आरोप पत्र (dakwaan) का बारीकी से अध्ययन कर सकते हैं। KPK का मानना है कि आरोप पत्र में सभी तथ्यों और सबूतों का स्पष्ट विवरण मौजूद है। यह मामला स्थानीय प्रशासन में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से संबंधित है।
