राजनीतिक दल जल्द से जल्द राजनीतिक बदलाव लाने के उद्देश्य से अपनी चुनावी मशीनरी को मजबूत कर रहे हैं। वे आगामी चुनावों की तैयारी में अपने संगठनात्मक ढांचे को भी व्यवस्थित कर रहे हैं। दूसरी ओर, सार्वजनिक सेवाओं की विफलता के विरोध में नागरिकों का प्रदर्शन जारी है। यह विरोध प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने का एक प्रयास है। राजनीतिक दल इस स्थिति का उपयोग चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक दल और नागरिक विरोध प्रदर्शन मिलकर देश के भविष्य को कैसे आकार देते हैं।TalCual के अनुसार, स्थिति गतिशील है और तेजी से बदल रही है।