राष्ट्रीय सभा ने संवैधानिक न्यायालय के एक हालिया फैसले के बाद, धारा 89 की जांच प्रक्रिया के लिए नए नियम अपनाए हैं। न्यायालय ने पहले के नियमों को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। नए नियम संवैधानिक न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हैं और महाभियोग की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का प्रयास करते हैं। यह बदलाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के उद्देश्य से किया गया है। इन नियमों के तहत, जांच समिति के गठन और कामकाज के तरीके में बदलाव शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विपक्षी दलों ने इन नियमों का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ने प्रक्रिया में और सुधार की मांग की है।