पेरिस में लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ भीषण गर्मी पड़ रही है। लेखक सेन नदी में तैरने से कतराते हैं और ठंडक पाने के लिए एक अप्रत्याशित जगह की तलाश करते हैं। उन्हें एक ऐसी जगह मिलती है जो सुंदरता और शीतलता से भरी हुई है। यह जगह कम्युनिस्टों द्वारा संचालित है, जिन्होंने लेखक को गर्मी से राहत दिलाई। यह कहानी दिखाती है कि गर्मी के दौर में मदद अप्रत्याशित स्रोतों से आ सकती है। लेखक ने इस अप्रत्याशित राहत के अनुभव को साझा किया है। यह एक अनोखी और सुखद घटना थी।