पैराग्वे के एक फुटबॉल खिलाड़ी को मैच के दौरान मुंह बंद करने के इशारे के कारण सीधे लाल कार्ड दिखाया गया और मैदान से बाहर कर दिया गया। फीफा के नियमों के अनुसार, राजनीतिक या धार्मिक संदेश देने या अपमानजनक इशारे करने पर खिलाड़ियों को दंडित किया जा सकता है। हालांकि खिलाड़ी ने स्पष्ट रूप से कोई संदेश नहीं दिया, रेफरी ने इसे अनुचित व्यवहार माना। इस फैसले ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया, लेकिन फीफा अपने नियमों का सख्ती से पालन करता है। यह घटना फुटबॉल में खिलाड़ियों के व्यवहार और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर बहस छेड़ सकती है। फिलहाल, खिलाड़ी के निष्कासन का कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन रेफरी के फैसले को अंतिम माना जा रहा है। इस मामले ने खेल जगत में नियमों की व्याख्या पर सवाल खड़े कर दिए हैं।