फ़ुटबॉल विश्व कप के दौरान, पैराग्वे के एक कमेंटेटर जॉर्ज चिपी वेरा को उनके भड़काऊ और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के कारण अपना मान्यता पत्र खोना पड़ा। वेरा ने तुर्की के खिलाफ खेले जा रहे मैच में पैराग्वे के खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरॉन को दिखाए गए लाल कार्ड पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अल्मिरॉन को विपक्षी खिलाड़ी से बात करते समय मुंह ढकने के कारण निष्कासित कर दिया गया था, जिससे वेरा भड़क गए। उनकी टिप्पणी में फीफा अध्यक्ष इन्फैंटिनो पर भी निशाना साधा गया था। इस घटना के बाद, आयोजकों ने तुरंत उनकी मान्यता रद्द कर दी। वेरा की टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा पैदा की, जहाँ कुछ लोगों ने उनके गुस्से को जायज़ ठहराया, वहीं कुछ ने उनकी भाषा की आलोचना की। यह घटना खेल के दौरान निर्णयों और कमेंटेटरों की भूमिका पर बहस को जन्म दे सकती है।
