पनामा में आए भूकंप के कारण हुई दरार के आकार का अनुमान वेल्स और कूपर्समिथ (1994) के अनुभवजन्य संबंधों का उपयोग करके लगाया गया है। ये संबंध भूकंप के परिमाण और संभावित दरार के आयामों को आपस में जोड़ते हैं। भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए इस तरह के विश्लेषण महत्वपूर्ण हैं। वैज्ञानिक भूकंपीय गतिविधि को समझने और भविष्य के खतरों का आकलन करने के लिए इन तकनीकों का उपयोग करते हैं। अध्ययन का उद्देश्य सटीक रूप से निर्धारित करना है कि 9 अक्टूबर के भूकंप ने पनामा में कितनी बड़ी दरार पैदा की। इस जानकारी से भूवैज्ञानिक खतरों का बेहतर मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। इस प्रकार, पनामा में भूकंपीय जोखिम को कम करने के लिए तैयारी और प्रतिक्रिया रणनीतियों को बेहतर बनाया जा सकता है।