पनामा नहर से गुजरने के लिए शुल्क में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जहाजों को प्राथमिकता मिलने के लिए लगभग चार मिलियन डॉलर तक की बोली लग रही है। कंटेनर जहाजों को प्रतीक्षा करने में लगभग दस दिन लग रहे हैं। यह वृद्धि ईरान में युद्ध के कारण उत्पन्न व्यवधानों और एल नीनो की वजह से पानी के स्तर में गिरावट के कारण हुई है। नहर के माध्यम से जहाजों का आवागमन प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक व्यापार में देरी होने की आशंका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह स्थिति निकट भविष्य में भी जारी रहेगी। इससे शिपिंग कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। नहर प्राधिकरण स्थिति को सामान्य करने के लिए कदम उठा रहा है, लेकिन तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है।