पनामा नहर, जो विश्व व्यापार का 5% हिस्सा संभालती है, फिर से दैनिक आवाजाही की संख्या को कम करने के लिए मजबूर है। इसका मुख्य कारण अल नीनो नामक जलवायु घटना है, जिसके कारण नहर के ताज़े पानी के भंडार कम हो रहे हैं। सूखे की वजह से जहाजों के लिए नहर से गुजरना मुश्किल हो रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने जल स्तर बनाए रखने के लिए पहले भी कई प्रतिबंध लगाए हैं। यह नहर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इस प्रतिबंध से माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, लेकिन तत्काल राहत की उम्मीद कम है। आने वाले समय में नहर के संचालन पर सूखे का प्रभाव और भी गंभीर हो सकता है।