गाजा से ताल्लुक रखने वाले युवा फ़ोटोग्राफ़र, जेहाद अलशराफी, जिन्होंने युद्ध के मानवीय परिणामों को दस्तावेज़ीकृत किया, हाल ही में सेंसर किए गए हैं। फ़्रांस के डेव्यूविल में आयोजित एक खेल छवि उत्सव में प्रदर्शित उनकी एक तस्वीर को प्रो-इज़राइल कार्यकर्ताओं के दबाव के कारण चुपचाप हटा दिया गया और बदल दिया गया। इन कार्यकर्ताओं ने उन पर आरोप लगाए हैं। यह घटना कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फ़िलिस्तीनी संघर्ष के चित्रण को लेकर सवाल खड़े करती है। अलशराफी का काम गाजा की विनाशकारी स्थिति को उजागर करता है और दुनिया का ध्यान इस क्षेत्र के मानवीय संकट की ओर खींचता है। यह सेंसरशिप की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक गंभीर हमला माना जा रहा है। इस मामले से फ़ोटोग्राफ़ी और पत्रकारिता में राजनीतिक दबाव की भूमिका पर भी प्रकाश पड़ता है।