पाकिस्तान में दुनिया के पाँचवें सबसे बड़े तांबे और सोने के भंडार मौजूद हैं, लेकिन यह खनिज क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में केवल 3.2% का योगदान देता है। इस विसंगति के कारण पाकिस्तान अपनी विशाल खनिज संपदा का उपयोग करके आर्थिक विकास को गति देने में असमर्थ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास की कमी इस समस्या का मुख्य कारण है। सरकार ने हाल ही में इस क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम बनाए हैं। हालांकि, भ्रष्टाचार और सुरक्षा संबंधी चिंताएं अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। यदि पाकिस्तान इन बाधाओं को दूर करने में सफल होता है, तो यह खनिजों के भंडार से लगभग 8 ट्रिलियन डॉलर का लाभ प्राप्त कर सकता है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
