फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FPCCI) के एक सदस्य ने पेट्रोलियम उत्पादों पर बढ़ती लेवी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका दावा है कि इन अतिरिक्त करों के कारण उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो रही है और औद्योगिक विकास की गति धीमी हो गई है। सदस्य ने चेतावनी दी है कि यदि करों का बोझ कम नहीं किया गया, तो कई इकाइयां बंद हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह उद्योगों को राहत देने के लिए अपनी वित्तीय नीतियों पर पुनर्विचार करे। यह स्थिति न केवल व्यापारिक जगत बल्कि देश की समग्र आर्थिक स्थिरता के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती है। अंततः, उन्होंने एक संतुलित ऊर्जा मूल्य निर्धारण तंत्र की मांग की है।