पाकिस्तान में वित्तीय वर्ष २०२६ के लिए आवंटित विकास बजट का केवल आधा हिस्सा ही ग्यारह महीनों में खर्च किया जा सका है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, कुल आवंटित राशि में से केवल ५० प्रतिशत का उपयोग हुआ है, जिससे विकास परियोजनाओं में धीमी प्रगति देखी जा रही है। यह कमी विभिन्न प्रशासनिक बाधाओं, देरी से अनुमोदन और समन्वय की कमी के कारण बताई जा रही है। संघीय मंत्रालयों और विभागों ने खर्च में यह सुस्ती दिखाई है, जिससे परियोजनाओं के समय पर पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कम खर्च से आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने खर्च में तेजी लाने के लिए कदम उठाने की घोषणा की है, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं देखा गया है। इस स्थिति से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट आवंटन और योजना पर भी असर पड़ सकता है।