पाकिस्तान के संघीय बजट 2026-27 में जलवायु परिवर्तन संबंधी योजनाओं को शामिल किया गया है, जो एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए यह आवंटन पर्याप्त नहीं है। बजट में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और जल प्रबंधन पर कुछ ध्यान दिया गया है, लेकिन समग्र निवेश कम है। जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों, जैसे कि सिंध और बलूचिस्तान, के लिए विशेष प्रावधानों की कमी चिंताजनक है। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान को जलवायु लचीलापन बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने के लिए अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और वित्तपोषण की आवश्यकता है। बजट में जलवायु संबंधी जोखिमों का आकलन और अनुकूलन रणनीतियों को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए था। कुल मिलाकर, यह बजट जलवायु परिवर्तन की दिशा में एक प्रारंभिक कदम है, लेकिन इसे और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता है।