पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने हाल ही में महिलाओं के पुलिस बल में शामिल होने पर आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि यह महिलाओं के लिए उपयुक्त नहीं है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। कई उपयोगकर्ताओं ने उनके विचारों को पुरातन और लैंगिक भेदभावपूर्ण बताया है। इस टिप्पणी ने पाकिस्तान में महिलाओं के अधिकारों और पुलिस बल में उनकी भूमिका पर बहस छेड़ दी है। आलोचकों का कहना है कि यह बयान महिलाओं की क्षमता पर सवाल उठाता है और उन्हें समान अवसर से वंचित करने का प्रयास है। फवाद चौधरी के इस बयान पर अभी तक उनकी पार्टी या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
