पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सरकारी अधिकारियों द्वारा घोड़ागाड़ी से कार्यालय आने पर सख्त नाराज़गी जताई है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटना देश में महंगाई और आर्थिक संकट के बीच हुई है, जिससे जनता में रोष है। प्रधानमंत्री ने इस व्यवहार को जनता के प्रति असंवेदनशीलता बताया है और अधिकारियों को मितव्ययिता बरतने के निर्देश दिए हैं। यह कदम सरकारी अधिकारियों के विलासितापूर्ण जीवनशैली पर सवाल उठाता है। इस घटना के बाद पाकिस्तान में सियासी गलियारों में हलचल है और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री शरीफ ने ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है।

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