राष्ट्रीय असेंबली में आगामी वित्तीय वर्ष के बजट पर बहस के दौरान तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया। विपक्ष ने सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर तीखी आलोचना की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच गरमागरम बहस हुई। बहस इतनी उग्र हो गई कि कुछ देर के लिए हाथापाई की स्थिति बन गई, हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। वित्त मंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए बजट को देश की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए आवश्यक बताया। विपक्ष ने विशेष रूप से सब्सिडी में कटौती और करों में वृद्धि को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। स्पीकर ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की और बहस को जारी रखने के लिए सदस्यों से सहयोग का आग्रह किया। इस घटना ने संसद में राजनीतिक ध्रुवीकरण और बजट पर आम सहमति बनाने की चुनौतियों को उजागर किया है।
