पाकिस्तान के एक अस्पताल में आग लगने की हृदयविदारक घटना में, एक नर्स ने अपनी यादें साझा की हैं। उसने बताया कि कैसे उसने एक नवजात शिशु को बचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश 14 शिशुओं को बचाने में असफल रही। आग की लपटों और शिशुओं की चीखें उसे आज भी परेशान करती हैं। नर्स ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह थी कि वह खुद को असहाय महसूस कर रही थी। इस घटना ने पाकिस्तान में शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने का वादा किया है। यह त्रासदी देश में शोक की लहर लेकर आई है।

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