यूसुफ ने युवाओं से पैगंबर (SAWW) की सीरत से मार्गदर्शन लेने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि युवाओं को अपने जीवन में सफलता पाने के लिए पैगंबर की शिक्षाओं को अपनाना चाहिए। यह संदेश युवाओं को नैतिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से दिया गया था। उन्होंने बताया कि सीरत-उन-नबी मानवीय मूल्यों और ईमानदारी का सबसे बड़ा स्रोत है। युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की आवश्यकता है। पैगंबर (SAWW) का जीवन धैर्य और करुणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यदि युवा इन सिद्धांतों का पालन करें, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यह मार्गदर्शन उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा।