पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फ (JUI-F) के प्रमुख फज़लुर रहमान के बीच हाल ही में एक हास्यपूर्ण आदान-प्रदान हुआ। यह आदान-प्रदान तब हुआ जब दोनों नेता ‘गोपनीय राजनीतिक चर्चाओं’ के बारे में बात कर रहे थे। प्रधानमंत्री शरीफ ने कथित तौर पर कहा कि उनकी सरकार के अस्तित्व को लेकर होने वाली चर्चाएँ सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। जवाब में, फज़लुर रहमान ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि ऐसी चर्चाएँ तो दीवारों के भी कान होते हैं। इस टिप्पणी पर दोनों नेता हँसे। यह घटना हाल के राजनीतिक तनाव और गठबंधन की संभावनाओं के बीच हुई है। माना जा रहा है कि यह बातचीत आगामी आम चुनावों और सरकार बनाने के लिए संभावित सहयोग पर केंद्रित थी। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा कर दी है।