बुधवार को दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई जिसमें केंद्र सरकार पर अधिक प्रांतीय शक्तियों, वित्तीय स्वायत्तता और केंद्र के साथ जिम्मेदारियों के स्पष्ट विभाजन के लिए एक संयुक्त मंच बनाने पर सहमति बनी। इस मंच का उद्देश्य प्रांतों को अधिक अधिकार प्राप्त करने में मदद करना है। सभी मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार पर मिलकर दबाव बनाने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रांतों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे प्रांतों को अपने विकास कार्यों को अधिक स्वतंत्र रूप से करने में सहायता मिलेगी। उम्मीद है कि इस पहल से संघीय व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह समझौता प्रांतों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगा।