पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारत के जल मंत्री के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को कोई पानी नहीं मिलेगा। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने कहा कि पाकिस्तान के अस्तित्व और विकास के लिए आवश्यक पानी को जानबूझकर रोकना “दूरगामी परिणाम” देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कोई भी कृत्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत युद्ध का कृत्य माना जा सकता है। अंदराबी ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक पाकिस्तानियों की आजीविका, कृषि और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण पानी को रोकना एक गैर-जिम्मेदाराना कार्य होगा। पाकिस्तान ने इस विचार को खारिज कर दिया है कि पानी को राजनीतिक उपकरण या दबाव का साधन माना जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कोई भी कदम क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा होगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से भारत पर होगी।