पाकिस्तान सरकार अपनी निगरानी प्रणाली को डिजिटल तकनीक से बदलने की योजना बना रही है। इस कदम का उद्देश्य निगरानी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेगा। नई प्रणाली में डेटा विश्लेषण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग किया जाएगा। आलोचकों का मानना है कि इससे निजता (privacy) के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है। सरकार ने हालांकि आश्वासन दिया है कि निगरानी कानून के दायरे में रहकर ही की जाएगी और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा। इस परियोजना को अगले वित्तीय वर्ष में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।