संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) ने कपड़ा उद्योग के संगठन, अखिल पाकिस्तान कपड़ा मिलों संघ (एप्त्मा) द्वारा उठाई गई आपत्तियों को खारिज करते हुए कपड़ा मिलों में कैमरे लगाने के आदेश को बरकरार रखा है। एप्त्मा ने निगरानी को लेकर चिंता जताई थी और इसे अनुचित बताया था। एफबीआर का कहना है कि यह कदम कर चोरी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक है। इस फैसले से कपड़ा मिलों को अपनी उत्पादन इकाइयों में कैमरे लगाने होंगे। सरकार का उद्देश्य कर राजस्व में वृद्धि करना और उद्योग में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। एप्त्मा ने इस फैसले के खिलाफ आगे की कार्रवाई करने की संभावना जताई है। इस आदेश का कपड़ा उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
