ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि 1991 में पाकिस्तान स्टील मिल को बंद कर दिया जाता तो अरबों डॉलर बचाए जा सकते थे। उन्होंने इस फैसले को देश के लिए एक बड़ी आर्थिक चूक बताया। आसिफ के अनुसार, मिल को लगातार घाटे में चलाने के बजाय, समय पर बंद कर दिया जाता तो सरकार को भारी नुकसान से बचाया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि मिल को पुनर्जीवित करने के बाद के प्रयासों में भी बहुत अधिक धन खर्च हुआ, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। पाकिस्तान स्टील मिल लंबे समय से वित्तीय संकट से जूझ रही है और कई बार इसे बंद करने की बात कही जा चुकी है। आसिफ के बयान से इस मामले पर नई बहस छिड़ सकती है। यह बयान पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सरकारी नीतियों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी है।