पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोपों के कारण होने वाली हिंसा में हाल ही में कमी देखी गई है। सेना प्रमुख द्वारा कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने से इन मामलों की संख्या में गिरावट आई है। पिछले महीने कराची में एक ईसाई परिवार को निशाना बनाने वाली भीड़ को समय रहते नियंत्रित किया गया। गौरतलब है कि 1990 के बाद से पाकिस्तान में ईशनिंदा से जुड़े लगभग 90 लिंचिंग मामले सामने आए हैं। अक्सर ऐसे मामले मामूली आरोपोंLSS भीड़ द्वारा हिंसक रूप ले लेते थे। अब सैन्य हस्तक्षेप के कारण सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी कार्रवाई में बदलाव नजरC देखा जा रहा है। यह कदम कट्टरपंथी समूहों के प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रशासनC