राष्ट्रीय आर्थिक परिषद (NEC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विकास योजनाओं में कटौती की है। इस कटौती का सबसे अधिक असर पंजाब प्रांत पर पड़ेगा, जहाँ विकास योजनाओं के लिए आवंटित बजट में भारी कमी की गई है। परिषद ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर 170 अरब रुपये की कटौती करने का निर्णय लिया है। कटौती का कारण आर्थिक चुनौतियों और राजस्व में कमी बताया जा रहा है। सिंध और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों को भी बजट में कमी का सामना करना पड़ेगा, लेकिन पंजाब पर इसका प्रभाव सबसे अधिक होगा। संघीय सरकार ने प्रांतों को अपनी विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर फिर से व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है। इस निर्णय से प्रांतों में विकास कार्यों की गति धीमी होने की आशंका है।