पाकिस्तान के एक अस्पताल में आग लगने की घटना में एक नर्स ने आठ सेकंड में एक शिशु को बचाया, लेकिन वह 14 अन्य नवजात शिशुओं को बचाने में विफल रही। इस घटना ने नर्स को गहरा आघात पहुंचाया है, जो अब उन शिशुओं को खोने के दुःख से जूझ रही है जिन्हें वह बचा नहीं सकी। अस्पताल में आग लगने से कई शिशुओं की जान चली गई, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर शोक की लहर दौड़ गई है। बचाव कार्य के दौरान नर्स ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक शिशु को सुरक्षित निकाला, लेकिन बाकी शिशुओं तक पहुंचने में असमर्थ रही। यह घटना पाकिस्तान में स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नर्स की कहानी त्रासदी की भयावहता और व्यक्तिगत नुकसान को उजागर करती है। घटनास्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और बचावकर्मियों ने भी अपनी निराशा व्यक्त की है।