पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के बीच, यह सवाल उठ रहा है कि संविधान के तहत आपातकाल लगाने का अधिकार कब और कैसे दिया जा सकता है। पाकिस्तान के संविधान का अनुच्छेद 235, राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में आपातकाल लगाने की शक्ति देता है। ये परिस्थितियाँ देश की सुरक्षा, अखंडता या वित्तीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा होना शामिल हैं। हालाँकि, इस शक्ति का प्रयोग कई शर्तों और संसदीय अनुमोदन के अधीन है। आपातकाल के दौरान, सरकार को कई मौलिक अधिकारों को निलंबित करने और कानून बनाने की अतिरिक्त शक्ति प्राप्त होती है, लेकिन यह शक्ति अदालतों की समीक्षा के अधीन है। पाकिस्तान में अतीत में कई बार आपातकाल लगाया गया है, जिसके कारण नागरिक स्वतंत्रता और राजनीतिक प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। वर्तमान स्थिति में, राजनीतिक विश्लेषक इस शक्ति के संभावित दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त कर रहे हैं।