पाकिस्तानी निर्यातकों ने ‘प्रबंधित’ विनिमय दर नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे व्यापार और विदेशी निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका तर्क है कि कृत्रिम रूप से मुद्रा का मूल्य स्थिर रखने से निर्यात प्रतिस्पर्धा कम हो जाती है। निर्यातकों का कहना है कि इससे उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में नुकसान होता है और विदेशी निवेशकों का विश्वास कम होता है। वे एक बाजार-आधारित विनिमय दर प्रणाली की वकालत करते हैं जो वास्तविक आर्थिक ताकतों को दर्शाती है। उनका मानना है कि इससे निर्यात बढ़ेगा और विदेशी निवेश आकर्षित होगा। इस नीति के कारण आयात सस्ता हो जाता है, जिससे घरेलू उद्योगों को नुकसान होता है। सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और उचित कदम उठाने का आग्रह किया गया है।