अमेरिकी विशेष दूत रॉबर्ट मैल्कम Vance ने ईरान परमाणु समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने में हो रही देरी पर पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चिंता व्यक्त की है। Vance का कहना है कि पाकिस्तान में प्रेस को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं है, जिसके कारण समझौते से जुड़ी जानकारी को जनता तक पहुंचने में बाधा आ रही है। उन्होंने इस देरी को पारदर्शिता की कमी बताया और इस पर खेद व्यक्त किया। Vance ने जोर देकर कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण समझौते की जानकारी जनता के लिए उपलब्ध होनी चाहिए। यह टिप्पणी पाकिस्तान में मीडिया पर बढ़ते नियंत्रण और रिपोर्टिंग में हस्तक्षेप के आरोपों के बीच आई है। इस मामले पर पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विश्लेषकों का मानना है कि Vance की टिप्पणी से पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।