पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम कभी भी ईरान और अमेरिका के बीच हुई वार्ताओं का हिस्सा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश द्वारा ईरान और अमेरिका के बीच कराई गई समझदारी की मेमोरेंडम में भी इस कार्यक्रम का कोई उल्लेख नहीं था। यह बयान तेहरान में दिया गया और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चल रही अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच आया है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की कोशिश की है। उनका यह बयान, ईरान के परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर कोई दबाव नहीं डाल रहा है। यह बयान दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
