पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन संबंधी बजट में भारी कटौती की गई है, जिससे चिंता व्यक्त की जा रही है। जलवायु परिवर्तन मंत्री Sherry Rehman ने इसे ‘चौंकाने वाला’ बताया है और आगाह किया है कि इससे देश की जलवायु संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने में गंभीर बाधाएँ आ सकती हैं। कटौती के बाद, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पास अब केवल 6 अरब रुपये का बजट बचा है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है। मंत्री ने बताया कि इस कटौती से बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता प्रभावित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कटौती पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील बना देगी, खासकर जब देश पहले से ही जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है। सरकार पर अब जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दिखाने का दबाव बढ़ गया है।