संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान ने वायरल हेपेटाइटिस के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ठोस कार्रवाई की मांग की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नए आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में यह बीमारी एक गंभीर चुनौती बन रही है। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान एक रणनीतिक ब्रीफिंग का आयोजन किया, जिसमें हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए उच्च-स्तरीय राजनीतिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस अवसर पर पाकिस्तान के उप स्थायी प्रतिनिधि उस्मान जदून ने हेपेटाइटिस सी को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में 2030 तक खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यक्रम की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में WHO के सहयोग से 250 मिलियन डॉलर का आवंटन किया गया है और देश भर में मुफ्त जांच, निदान और उपचार प्रदान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वयं राष्ट्रीय टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे हैं, जो कार्यक्रम की प्रगति की निगरानी करती है और रणनीतिक दिशा प्रदान करती है। इस टास्क फोर्स में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो इस मुद्दे पर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
