आगामी वित्तीय वर्ष 2027 के बजट पर उद्योग जगत के नेताओं ने निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि बजट में विनिर्माण और निर्यात क्षेत्रों के लिए कोई स्पष्ट दृष्टिकोण या रणनीति दिखाई नहीं दे रही है। व्यापारिक समुदाय का मानना है कि बजट में इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस उपायों की कमी है। कई उद्योगपतियों ने सरकार से इन क्षेत्रों की चुनौतियों को दूर करने और विकास को गति देने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। बजट में करों और शुल्कों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है, जिससे उद्योग जगत को उम्मीद थी कि इससे कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि विनिर्माण और निर्यात क्षेत्रों में सुधार से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है, लेकिन इसके लिए एक सुसंगत और दूरदर्शी नीति की आवश्यकता है।