वर्ष 2026-27 के बजट पर संसद में बहस शुरू हो गई है, जिसमें सरकार द्वारा प्रांतों के बजट को रोकने के फैसले पर तीखी आलोचना हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि यह कदम संघीय सरकार और प्रांतों के बीच तनाव बढ़ाएगा और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करेगा। वित्त मंत्री ने बजट को देश की आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए आवश्यक बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रांतीय बजट पर रोक संसाधनों का उचित आवंटन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम असंवैधानिक है और प्रांतों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। बहस के दौरान, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसमें कर राजस्व, सरकारी खर्च और आर्थिक विकास शामिल हैं। इस बजट का देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।