2025 में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र को 430 अरब रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। बाढ़ से फसलों की व्यापक बर्बादी हुई है, विशेष रूप से सिन्ध और पंजाब प्रांतों में। कपास, चावल और गन्ना जैसी महत्वपूर्ण फसलों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाने की घोषणा की है, लेकिन पुनर्वास एक लंबी प्रक्रिया होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ सकती है, जिसके लिए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है। इस आपदा से खाद्य सुरक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है।