भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद, पाकिस्तान पर अब सिंधु घाटी सभ्यता को लेकर विश्व को गुमराह करने का आरोप लग रहा है। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान सिंधु घाटी की पुरातात्विक स्थलों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ऐसे दावे कर रहा है, जिनसे संधि पर भारत के रुख को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान का उद्देश्य यह दिखाना है कि सिंधु नदी का पानी उनकी सभ्यता और संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है, और संधि में बदलाव से उनकी विरासत खतरे में पड़ जाएगी। भारत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, और पाकिस्तान के दावों को निराधार बताया है। भारत का कहना है कि संधि को स्थगित करने का निर्णय तकनीकी मुद्दों पर आधारित है, और इसका पुरातात्विक स्थलों से कोई संबंध नहीं है। यह मुद्दा अब राजनयिक स्तर पर उठाया जा सकता है।