बाल यौन शोषण के सैकड़ों मामलों में दोषी पाए गए एश्ले पॉल ग्रिफ़िथ की अपील पर न्यायालय ने फैसला सुनाया है। ग्रिफ़िथ ने गैर-पैरोल अवधि को अत्यधिक बताया था, जो कि 27 वर्ष निर्धारित की गई थी। उसने तर्क दिया था कि यह सजा अनुचित रूप से लंबी है। न्यायालय ने उसकी अपील पर विचार किया, लेकिन सजा में कोई बदलाव नहीं किया। यह फैसला बाल यौन शोषण के मामलों में कड़ी सजा बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रिफ़िथ को बच्चों के खिलाफ किए गए यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और उसे लंबी अवधि की कैद की सजा सुनाई गई थी। इस मामले ने व्यापक जनहित को आकर्षित किया था और न्यायालय के फैसले का इंतजार था।