नींद की कमी या ज़्यादा नींद लेना, दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि कम नींद लेने से थकान होती है, लेकिन ज़्यादा सोने से भी शरीर में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें तनाव, अनियमित दिनचर्या और कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ शामिल हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। नींद की गुणवत्ता और मात्रा दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। बेहतर नींद के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना आवश्यक है। नींद संबंधी समस्याओं को अनदेखा नहीं करना चाहिए और ज़रुरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।