युगांडा के संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद के उम्मीदवार ओलारा ओतुन्नु ने स्वीकार किया है कि राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के साथ उनके लंबे समय से चल रहे मतभेद बने हुए हैं। यह तब है जब मुसेवेनी सरकार उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रही है। ओतुन्नु ने 1996 में भी संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष पद के लिए मजबूत दावेदारी की थी, लेकिन उन्हें उस समय युगांडा सरकार का समर्थन प्राप्त नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया है कि समर्थन के बावजूद, उनके और मुसेवेनी के बीच के मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। यह स्थिति युगांडा की राजनीति में एक दिलचस्प पहलू दर्शाती है, जहां समर्थन और असहमति एक साथ मौजूद हैं। ओतुन्नु की उम्मीदवारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के रूप में सफल होते हैं।

English
Français
Español
हिन्दी
中文