ओरलेन युनिपेट्रोल ने चेक गणराज्य में रिफाइनरी पर सरकार द्वारा लगाए गए नए कर की आलोचना की है। कंपनी का कहना है कि यह कर, जो ईंधन की उच्च कीमतों के कारण लगाया गया है, चेक रिफाइनरी में आगे के निवेश और ईंधन बाजार की स्थिरता को खतरे में डालता है। ओरलेन युनिपेट्रोल का यह भी तर्क है कि इस प्रस्ताव में संवैधानिक संदेह हैं, क्योंकि कर पिछली तारीख से प्रभावी है और केवल इस पर लक्षित है, जो चेक गणराज्य में एकमात्र घरेलू कंपनी है। कंपनी का मानना है कि यह कर अनुचित है और बाजार में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस स्थिति से निवेश योजनाओं पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है। यह कर, ईंधन की कीमतों को लेकर सरकार के हस्तक्षेप का एक उदाहरण है।