हाल ही में प्राप्त सरकारी दस्तावेजों से पता चला है कि हंगरी ने 2021 में एक अभियान पर कितना खर्च किया। इस अभियान का उद्देश्य यूरोपीय संघ की आलोचनात्मक सात बातों को विदेशी समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाना था। विक्टर ओरबान के नेतृत्व वाली सरकार ने यूरोपीय संघ के प्रति अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए यह कदम उठाया। दस्तावेजों से पता चलता है कि इस अभियान के लिए काफी धनराशि खर्च की गई थी। यह खुलासा हंगरी और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे तनाव को दर्शाता है। अभियान का उद्देश्य यूरोपीय जनता तक हंगरी की बात पहुंचाना था। इस खर्च के बारे में जानकारी सामने आने से हंगरी की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।