पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने वर्तमान सरकार पर हंगरी को "अधिनायकवादी शासन" की ओर ले जाने का आरोप लगाया है। ऑर्बन ने इस बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है कि हंगरी में लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में पड़ रहे हैं। उनका बयान प्रधानमंत्री म्यागर के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों पर एक तीखी टिप्पणी है। इस आरोप ने हंगरी की राजनीति में बहस छेड़ दी है, जिसमें कई लोग ऑर्बन के आकलन से सहमत या असहमत हैं। यह घटना हंगरी में राजनीतिक शक्ति के बदलते संतुलन को दर्शाती है। ऑर्बन के इस बयान के बाद सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह स्थिति भविष्य में हंगरी की राजनीतिक दिशा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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