हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने ब्रुसेल्स में राष्ट्रवादी ताक़तों की एक बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नई हंगरी सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह यूरोपीय संघ के पास एक भी पैसा न छोड़े। ऑर्बन ने यूरोपीय संघ में सुधार की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, यह संकेत देते हुए कि मौजूदा ढांचा उनके देश के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि राष्ट्रवादी ताक़तें यूरोपीय संघ के भीतर अपनी स्थिति को मज़बूत कर रही हैं। यह बयान यूरोपीय संघ के साथ हंगरी के संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच आया है। ऑर्बन की टिप्पणी यूरोपीय संघ की नीतियों और सदस्य देशों की संप्रभुता के मुद्दे पर चल रही बहस को और तेज़ कर सकती है। बैठक में यूरोपीय संघ के भविष्य और राष्ट्रीय हितों के संरक्षण पर चर्चा की गई।
