हाल ही में लीक हुए दस्तावेज़ों के अनुसार, हंगरी के पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन को यूक्रेन के स्वर्ण काफिले से जुड़े मामले में संभावित आपराधिक जिम्मेदारी के लिए जांच के दायरे में लाया जा सकता है। अभियोजन द्वारा लीक किए गए दस्तावेज़ में ओर्बन को इस मामले के केंद्रीय व्यक्तियों में से एक बताया गया है। यह घटनाक्रम, जिसे “स्वर्ण काफिला” के नाम से जाना जाता है, में जांच की जा रही है कि क्या कोई आपराधिक कृत्य हुआ था। दस्तावेज़ों के अनुसार, ओर्बन की संभावित भूमिका की गहन जांच की आवश्यकता है। यह मामला हंगरी और यूक्रेन के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल, ओर्बन ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामले की आगे जांच जारी है और अधिक जानकारी आने की संभावना है।
