हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने आगामी चुनाव से पहले हुए फंडिंग घोटाले को राजनीतिक हमला बताकर खारिज कर दिया है। हालांकि, एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि उनके अपने मतदाताओं के बीच भी विभाजन है। चौंकाने वाली बात यह है कि ऑर्बन के समर्थक, संपत्ति वसूली कार्यालय (Asset Recovery Office) के समर्थन में खड़े हैं, जो इस मामले की जांच कर रहा है। यह सर्वेक्षण दर्शाता है कि ऑर्बन की 'राजनीतिक हमले' की कहानी उनके सभी मतदाताओं को убедить करने में सफल नहीं हो रही है। घोटाले में शामिल आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, समर्थकों का संपत्ति वसूली कार्यालय का समर्थन ऑर्बन के लिए एक चिंता का विषय हो सकता है। यह घटना हंगरी की राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को भी उजागर करती है। आगे की जांच से इस मामले में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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